Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर बुलडोजर कार्रवाई का एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार हिंदू वोटरों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें घर और छत छीनने का ‘गिफ्ट’ दे रही है। पोस्ट में कई अलग-अलग बुलडोजर कार्रवाई के दृश्य शामिल हैं। FactGiri की पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला। जांच में सामने आया कि वीडियो में अलग-अलग समय और अलग-अलग जगहों की घटनाओं को जोड़कर एक साथ पेश किया गया है।
क्या है वायरल दावा?
सोशल मीडिया यूजर पायल यादव ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि मोदी के जन्मदिन पर यूपी में भाजपा सरकार घर-घर जाकर लोगों की छत छीन रही है। पोस्ट में यह भी कहा गया कि बुलडोजर की कार्रवाई मुस्लिमों के नहीं, बल्कि भाजपा के हिंदू वोटरों के घरों पर हो रही है।
FactGiri की पड़ताल में क्या मिला?
वायरल वीडियो के अलग-अलग हिस्सों को की-फ्रेम के जरिए खोजने पर इनमें मेरठ और लखनऊ की अलग-अलग घटनाएं मिलीं।
वीडियो का एक प्रमुख हिस्सा मेरठ के शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट का है। यहां 16 सितंबर 2026 को छह भवनों के अवैध हिस्सों पर कार्रवाई हुई थी। अमर उजाला और हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई थी। 44 सील भवनों में से 38 मालिकों ने अवैध निर्माण हटा लिया था, जबकि छह भवनों पर कार्रवाई की गई।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2026 में इन अवैध निर्माणों को हटाने का आदेश दिया था। अमर उजाला की रिपोर्ट में भी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि जिन छह भवनों पर कार्रवाई हुई, उनमें बिना नक्शा स्वीकृत कराए निर्माण किया गया था।

वीडियो का एक हिस्सा 2024 के लखनऊ का
वायरल वीडियो का दूसरा हिस्सा लखनऊ के अकबरनगर का है, लेकिन यह सितंबर 2026 का नहीं बल्कि जून 2024 का पुराना वीडियो है। आज तक और अमर उजाला ने उस समय अकबरनगर में अवैध निर्माणों के खिलाफ हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई की रिपोर्ट की थी। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार अकबरनगर में करीब 1,800 संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई जून 2024 में पूरी हुई थी।

वहीं एक अन्य वीडियो का हिस्सा मेरठ के शास्त्री नगर कॉलोनी के सेक्टर -13 का निकला, जिसमें जून महीने में बुलडोजर की कार्रवाई की गई थी। सर्च करने पर हमें 26 जुलाई 2026 का दैनिक जागरण का पोस्ट मिला। इसके अलावा ध्वस्तिकरण कार्रवाई के वीडियो को गेट अपडेट न्यूज़ के सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था।

निष्कर्ष
वायरल वीडियो में दिखाई दे रही बुलडोजर कार्रवाई वास्तविक घटनाओं से जुड़ी है, लेकिन सभी क्लिप एक ही समय की नहीं हैं। मेरठ की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत अवैध निर्माणों के खिलाफ हुई, जबकि दूसरा प्रमुख वीडियो लखनऊ के अकबरनगर की 2024 की पुरानी कार्रवाई का है। इसलिए पूरे वीडियो को PM मोदी के जन्मदिन पर हिंदू वोटरों के घरों पर की गई कार्रवाई बताना भ्रामक है।
FactGiri Verdict: भ्रामक दावा




