Fact Check: सोशल मीडिया पर एक Instagram अकाउंट के स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया गया कि बरेली में तैनात सब-इंस्पेक्टर दीपक जाट ने एक दलित महिला पर जातिसूचक और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। पोस्ट वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को भी टैग किया गया और अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। लेकिन FactGiri की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। जिस Instagram ID को पुलिस अधिकारी का बताया जा रहा था, वह फर्जी है और उसका UP पुलिस से कोई संबंध नहीं है।
क्या है वायरल दावा?
X यूजर @its_abhi_Blue ने 14 सितंबर 2026 को कुछ स्क्रीनशॉट शेयर किए। इनमें Instagram ID cop_deepakjaat8070 से महिलाओं की पोस्ट पर आपत्तिजनक टिप्पणियां दिखाई गईं। पोस्ट में दावा किया गया कि यह बरेली में तैनात SI दीपक जाट का अकाउंट है। मामला वायरल होने के बाद UP Police, DGP और Bareilly Police से कार्रवाई की मांग की गई।
UP Police ने क्या बताया?
16 सितंबर को @Uppolice ने मामले पर आधिकारिक जवाब देते हुए बताया कि cop_deepakjaat8070 पूरी तरह फर्जी Instagram ID है। पुलिस के मुताबिक, अकाउंट पर महिला यूजर्स की पोस्ट के नीचे अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं।
जांच में यह भी सामने आया कि अकाउंट की प्रोफाइल फोटो में दिवंगत उपनिरीक्षक आकाश यादव की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस के अनुसार, आकाश यादव की अगस्त 2026 में सड़क दुर्घटना में मृत्यु हुई थी। बरेली पुलिस की जांच में दीपक जाट नाम का कोई सब-इंस्पेक्टर बरेली या UP पुलिस में तैनात नहीं मिला। प्रोफाइल पर बिहार/पटना का पता भी दर्ज था।
FIR दर्ज, साइबर सेल कर रही जांच
UP Police के मुताबिक मामले में थाना कोतवाली, बरेली में FIR दर्ज कर ली गई है। साइबर सेल अकाउंट संचालक की पहचान करने में जुटी है और Meta से भी जरूरी जानकारी मांगी गई है। वहीं जब इस अकाउंट आईडी को इंस्टाग्राम पर सर्च किया गया तो ये अकाउंट सस्पेंडेड शो कर रहा था।

निष्कर्ष
जिस अकाउंट को बरेली के SI दीपक जाट का बताकर वायरल किया गया, वह फर्जी है।
FactGiri Verdict: फर्जी दावा/ FAKE




