Primary School Varanasi Viral Video Fact Check: सोशल मीडिया पर वाराणसी के कोनिया प्राथमिक विद्यालय को बंद किए जाने का दावा वायरल होने के बाद मामला थाने पहुंच गया है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह ने 21 अगस्त को अपने X अकाउंट से विद्यालय का वीडियो शेयर करते हुए दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में करीब 30 हजार की आबादी को शिक्षा से वंचित कर स्कूल बंद कर दिया गया है।
Fact Check: Factgiri ने दावे की पड़ताल की तो सामने आया कि स्कूल बंद नहीं हुआ है। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट से भी मिलान करने पर पुष्टि हुई कि विद्यालय का मूल भवन जर्जर होने के बाद बच्चों की सुरक्षा के लिए उसे दूसरे भवन में स्थानांतरित किया गया था। आप प्रवक्ता के इस ट्वीट की पड़ताल करने पर दिखा कि खुद BSA वाराणसी ने भी उस ट्वीट में स्पष्ट किया है कि स्कूल बंद नहीं हुआ है, बल्की कोनिया सट्टी में संचालित है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमलेश दत्त पांडेय के मुताबिक, 3 जुलाई 2023 को स्कूल की छत का एक हिस्सा गिर गया था। इसके बाद 19 जुलाई को खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर कोनिया प्राथमिक विद्यालय को पास के कोनिया सट्टी प्राथमिक विद्यालय के भवन में अस्थायी रूप से शिफ्ट कर दिया गया। वर्तमान में यहां 52 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं और नियमित पढ़ाई चल रही है।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि मूल भवन और जमीन से जुड़ा मामला अदालत में लंबित है। इसी वजह से पुराने भवन में दोबारा कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। प्रधानाध्यापक ने मुकेश सिंह के पोस्ट को भ्रामक बताते हुए आदमपुर थाने में शिकायत दी। पुलिस ने मुकेश सिंह और उनके अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस वीडियो में मौजूद अन्य लोगों की भूमिका भी जांच रही है।
Fact Check Verdict: भ्रामक
वायरल वीडियो में स्कूल के पुराने भवन की स्थिति को आधार बनाकर उसे बंद बताए जाने का दावा सही नहीं है। विद्यालय दूसरे भवन में संचालित हो रहा है और बच्चों की पढ़ाई जारी है।
स्कूल की छत का बड़ा हिस्सा 3 जुलाई 2023 को गिरा था।
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल को 19 जुलाई 2023 को दूसरे भवन में शिफ्ट किया गया।
ढ़ाई कोनिया सट्टी प्राथमिक विद्यालय के भवन में जारी है।
वर्तमान में 52 बच्चे पंजीकृत बताए गए हैं।
स्कूल में प्रधानाध्यापक, दो सहायक अध्यापक और एक शिक्षा मित्र तैनात हैं।
मूल भवन और जमीन से जुड़ा मामला अदालत में लंबित है।
इसी मामले को लेकर वायरल वीडियो पर प्रधानाध्यापक ने शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Fact Check Verdict: MISLEADING




