अमेठी बाईपास पर स्कॉर्पियो सवारों को छात्र बताकर वायरल हुई फायरिंग की खबर, फैक्टगिरी की पड़ताल में सामने आया सच

Fact Check: अमेठी के सुल्तानपुर-दुर्गापुर बाईपास पर 19 सितंबर 2026 को कथित फायरिंग की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। कई न्यूज रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कार सवार बदमाशों ने स्कॉर्पियो में जा रहे दो छात्रों पर करीब चार राउंड फायरिंग की। लेकिन FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि वायरल खबर में दोनों युवकों को ‘छात्र’ बताने का दावा गलत था। पुलिस के अनुसार, दोनों युवक बिजनसमैन हैं, ना कि छात्र।

क्या था वायरल दावा?

टीवी9 भारतवर्ष ने अपनी रिपोर्ट में सुल्तानपुर-दुर्गापुर बाईपास पर स्कॉर्पियो सवार दो छात्रों पर चार राउंड फायरिंग किए जाने की जानकारी दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कार सवार लोगों ने स्कॉर्पियो का पीछा कर उसे रोकने की कोशिश की और इसके बाद फायरिंग की।

अमृत विचार की रिपोर्ट में भी यश तिवारी की शिकायत के आधार पर फायरिंग का आरोप बताया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, गोली स्कॉर्पियो का शीशा तोड़ते हुए कान के पास से निकल गई थी। शिकायत में सूरज सोनी, शुभम गुप्ता उर्फ शाकाल, शिवपूजन चौरसिया उर्फ शेखू समेत एक अज्ञात व्यक्ति के नाम बताए गए थे।

FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?

FactGiri ने वायरल दावे से जुड़े मीडिया कवरेज और पुलिस के स्पष्टीकरण की पड़ताल की। उपलब्ध रिपोर्टों में घटना को लेकर अलग-अलग स्तर पर आरोप और जांच की जानकारी सामने आई है। वहीं, पुलिस के स्पष्टीकरण के अनुसार सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यश तिवारी और आदर्श तिवारी को छात्र बताया गया, जबकि वे छात्र नहीं हैं।

पुलिस के मुताबिक, यश तिवारी दुर्गापुर बाईपास, अमेठी में पेट्रोल पंप संचालित करते हैं। वहीं आदर्श तिवारी के पिता के पास जेसीबी है और आदर्श उसका संचालन करते हैं।

FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?

FactGiri ने वायरल दावे से जुड़े मीडिया कवरेज और पुलिस के स्पष्टीकरण की पड़ताल की। उपलब्ध रिपोर्टों में घटना को लेकर अलग-अलग स्तर पर आरोप और जांच की जानकारी सामने आई है। वहीं, पुलिस के स्पष्टीकरण के अनुसार सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यश तिवारी और आदर्श तिवारी को छात्र बताया गया, जबकि वे छात्र नहीं हैं।

पुलिस के मुताबिक, यश तिवारी दुर्गापुर बाईपास, अमेठी में पेट्रोल पंप संचालित करते हैं। वहीं आदर्श तिवारी के पिता के पास जेसीबी है और आदर्श उसका संचालन करते हैं। यानी दोनों की पहचान छात्र के तौर पर करना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।

निष्कर्ष

अमेठी पुलिस के स्पष्टीकरण के अनुसार, यश तिवारी पेट्रोल पंप संचालित करते हैं, जबकि आदर्श तिवारी जेसीबी संचालन से जुड़े हैं। इसलिए ‘स्कॉर्पियो सवार दो छात्रों पर फायरिंग’ के तौर पर वायरल किया गया दावा भ्रामक है।

Fact Check: भ्रामक

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