Fact Check: सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो को यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी के 2027 के मुख्यमंत्री चेहरे वाले बयान पर योगी आदित्यनाथ का रिएक्शन बताकर शेयर किया जा रहा है। वीडियो को देखकर पहली नजर में यह वास्तविक फुटेज जैसा लग सकता है, लेकिन Factgiri की पड़ताल में इसके AI-generated होने के कई संकेत मिले।
क्या है वायरल दावा?
वायरल पोस्ट के कैप्शन में लिखा है- पंकज चौधरी के बयान के बाद योगी जी का रिएक्शन… वीडियो में योगी आदित्यनाथ जैसे दिखने वाले व्यक्ति को टीवी देखते और फोन पर बात करते दिखाया गया है। इसके बाद एक सूट पहना व्यक्ति उनके पास आता है और दोनों के बीच बातचीत दिखाई जाती है। बैकग्राउंड में टीवी स्क्रीन पर “BREAKING NEWS” जैसा ग्राफिक भी नजर आता है।
Factgiri की पड़ताल में क्या निकला?
वायरल वीडियो के अलग-अलग कीफ्रेम निकालकर Google Reverse Image Search और सोशल मीडिया पर उपलब्ध मिलते-जुलते पोस्ट की जांच की गई। पड़ताल के दौरान वीडियो का कोई विश्वसनीय ओरिजिनल न्यूज फुटेज या आधिकारिक वीडियो स्रोत नहीं मिला।
वीडियो को फ्रेम-दर-फ्रेम देखने पर कई संदिग्ध संकेत सामने आए। योगी आदित्यनाथ के चेहरे के एक्सप्रेशन, आंखों की हरकत, स्किन टेक्सचर और लाइटिंग प्राकृतिक वीडियो फुटेज जैसी नहीं दिखती।
पंकज चौधरी ने क्या कहा था?
वायरल वीडियो का संदर्भ हाल में यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी के 2027 के CM फेस संबंधी बयान से जुड़ा है। 7 सितंबर 2026 को दिए बयान में चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, इसका फैसला भाजपा का संसदीय बोर्ड करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ, राजनाथ सिंह, अमित शाह, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई बड़े नेताओं को पार्टी के चेहरे के तौर पर गिनाया।
यानी पंकज चौधरी ने योगी आदित्यनाथ को सूची से बाहर नहीं किया था, लेकिन किसी एक नाम को 2027 के लिए अंतिम CM उम्मीदवार घोषित भी नहीं किया। इसी राजनीतिक चर्चा को लेकर वायरल AI वीडियो में योगी का काल्पनिक ‘रिएक्शन’ जोड़ा गया है। वहीं NBT की एक रिपोर्ट में यूपी विधानसभा चुनाव प्रभारी बनने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने मीडिया से बातचीत में इस बारे में इशारा किया है कि, सीएम योगी के चेहरे पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी BJP
BJP में मुख्यमंत्री चुनने का असली प्रोसेस क्या है?
यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है। मुख्यमंत्री चुनने का संवैधानिक अधिकार भाजपा संसदीय बोर्ड के पास सीधे नहीं है। संविधान के तहत राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करते हैं और आम तौर पर विधानसभा में बहुमत रखने वाले दल/गठबंधन के नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
व्यवहार में प्रक्रिया कुछ इस तरह होती है:
चुनाव परिणाम → भाजपा विधायक दल की बैठक → विधायक दल का नेता तय → राज्यपाल के सामने बहुमत का दावा → मुख्यमंत्री की शपथ।
भाजपा जैसी पार्टी में केंद्रीय नेतृत्व और संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और पार्टी स्तर पर संभावित नाम पर शीर्ष नेतृत्व फैसला कर सकता है। लेकिन अंतिम संवैधानिक नियुक्ति राज्यपाल करते हैं।
इसलिए यह कहना कि “संसदीय बोर्ड सीधे मुख्यमंत्री नियुक्त करता है” सही नहीं होगा। पंकज चौधरी का बयान पार्टी के अंदर मुख्यमंत्री के चेहरे पर निर्णय लेने की प्रक्रिया के संदर्भ में था।
निष्कर्ष
Factgiri की पड़ताल में वायरल वीडियो को CM योगी आदित्यनाथ का असली रिएक्शन बताने का कोई विश्वसनीय आधार नहीं मिला। वीडियो में AI-generated/synthetic कंटेंट के कई स्पष्ट संकेत हैं।
MISLEADING/ भ्रामक




