Fact Check: अयोध्या की 13 हजार एकड़ सेना की जमीन, अडानी-रामदेव-रविशंकर को देने का दावा भ्रामक, जानिए असली कहानी

Fact Check: अयोध्या में सेना के लिए आरक्षित 13,000 एकड़ जमीन अडानी, बाबा रामदेव और श्रीश्री रविशंकर के नाम किए जाने का दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। अखबार की एक कथित कटिंग के जरिए यह दावा फेसबुक, एक्स और व्हाट्सऐप पर शेयर किया जा रहा है। पोस्ट के जरिए यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि क्या सरकार ने सेना की जमीन निजी संस्थाओं को दे दी?

Factgiri की पड़ताल में सामने आया कि वायरल दावा आधी-अधूरी जानकारी को जोड़कर पेश किया गया है। हालांकि, अयोध्या के माझा जमथरा में इनसे जुड़ी संस्थाओं ने जमीन खरीदी थी और बाद में इस इलाके का बफर-जोन दर्जा खत्म किया गया, लेकिन 13,000 एकड़ जमीन इन लोगों को देने का दावा सही नहीं है।

क्या 13,391 एकड़ जमीन सेना की थी?

मामले को समझने के लिए सबसे पहले ‘सेना की जमीन’ और ‘सेना के लिए अधिसूचित बफर जोन’ के बीच अंतर समझना जरूरी है।

ThePrint की रिपोर्ट के मुताबिक 14 गांवों में कुल 5,419 हेक्टेयर यानी करीब 13,391 एकड़ जमीन को सेना के फील्ड फायरिंग और आर्टिलरी अभ्यास के आसपास बफर जोन के तौर पर अधिसूचित किया गया था। इन जमीनों पर निजी स्वामित्व बना रह सकता था, लेकिन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध था।

यानी पूरी 13,391 एकड़ जमीन सेना के मालिकाना हक में थी, ऐसा कहना सही नहीं है।

अडानी, रामदेव और श्रीश्री ने कितनी जमीन खरीदी?

ThePrint ने रजिस्ट्री दस्तावेजों के आधार पर बताया कि माझा जमथरा में तीन समूहों से जुड़ी संस्थाओं/व्यक्तियों ने कुल करीब 9.74 हेक्टेयर यानी लगभग 24 एकड़ जमीन खरीदी थी।

Art of Living से जुड़े Vyakti Vikas Kendra: 5.31 हेक्टेयर
रामदेव से जुड़े व्यक्तियों की खरीद: 3.035 हेक्टेयर
Adani Group की Homequest Infraspace: 1.4 हेक्टेयर

महत्वपूर्ण बात यह है कि इन जमीनों की खरीद सरकार द्वारा दान या ट्रांसफर किए जाने के रूप में सामने नहीं आई, बल्कि निजी भूस्वामियों से रजिस्ट्री के जरिए हुई थी।

फिर 2,211 एकड़ का क्या हुआ?

30 मई 2024 को राज्यपाल कार्यालय ने माझा जमथरा की 2,211 एकड़ जमीन को बफर जोन की अधिसूचना से बाहर कर दिया। इसके बाद वहां निर्माण के लिए नक्शे स्वीकार करने की प्रक्रिया शुरू हुई।

निष्कर्ष

वायरल अखबार कटिंग का यह दावा कि “अयोध्या में सेना की 13,000 एकड़ आरक्षित भूमि अडानी, बाबा रामदेव और रविशंकर के नाम हो गई” तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।

13,391 एकड़ पूरा बफर जोन था, जबकि इनसे जुड़े पक्षों द्वारा खरीदी गई जमीन करीब 24 एकड़ थी। साथ ही, जमीन का निजी स्वामित्व और सेना के लिए बफर-जोन अधिसूचना दो अलग बातें हैं।

Factgiri Verdict: MISLEADING | भ्रामक

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