Fact Check: सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी मीडिया सेल की ओर से शेयर किया गया एक वीडियो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो अलग-अलग बयानों को जोड़कर वायरल किया जा रहा है। वीडियो में पुराने बयान के साथ दिखाया गया है कि CM योगी आदित्यनाथ गौ रक्षा के लिए कानून बनाने की बात कर रहे हैं, जबकी हालिया क्लिप में सीएम ये कह रहे हैं क गाय हमारी माता है, कुछ घोषित करने की जरूरत नहीं है। Factgiri की पड़ताल में सामने आया कि यह बयान गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग के जवाब में है, न कि गौ रक्षा कानून के खिलाफ।
वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया?
समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने 30 अगस्त 2026 को वीडियो शेयर किया। इसमें योगी आदित्यनाथ का एक पुराना बयान दिखाया गया है, जिसमें वह गौ हत्या पर रोक के लिए कानून की जरूरत की बात करते हैं। इसके बाद उनके जून 2026 के बयान को दिखाकर सवाल खड़ा किया गया कि अब वह गाय को कुछ घोषित करने की जरूरत नहीं बता रहे हैं।
पड़ताल में क्या सामने आया?
पुराने बयान की जांच करने पर लोकसभा की आधिकारिक कार्यवाही में दर्ज 29 नवंबर 2002 की चर्चा सामने आती है। उस समय योगी आदित्यनाथ ने देशभर में गौ और गोवंश के वध पर प्रतिबंध के लिए केंद्रीय कानून बनाए जाने की मांग का समर्थन किया था। यानी यह बयान वास्तव में गौ रक्षा और गोहत्या पर प्रतिबंध से जुड़े कानूनी प्रावधानों के संदर्भ में था।
इसके बाद उत्तर प्रदेश में 2020 में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) कानून लागू किया गया। आधिकारिक गजट के मुताबिक कानून में गोवंश के अवैध परिवहन और गोवध से जुड़े मामलों में सख्त प्रावधान किए गए।
यह वीडियो भ्रामक Misleading क्यों है?
गौ रक्षा कानून पहले ही बन चुका है। 2020 में योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश 2020 लाया। इसमें गोवध पर 10 साल तक की कठोर सजा और 5 लाख रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है। गोवंश के अवैध परिवहन, क्रूरता और गोशाला संबंधी नियमों को भी बहुत सख्त किया गया। कई रिपोर्ट्स और सरकारी दावों में इसे देश का सबसे सख्त गौ रक्षा कानून बताया जाता है।
यानी कानून बनना चाहिए वाली मांग पूरी हो चुकी है, वीडियो में इसे छिपाया गया है।
दोनों बयानों का संदर्भ पूरी तरह अलग है
पुराना बयान: युवा योगी (मुख्यमंत्री बनने से पहले या शुरुआती दिनों) गौ रक्षा के लिए मजबूत कानूनी प्रावधान की मांग कर रहे थे।
नया बयान जून 2026, बिजनौर का है- कुछ मौलवी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे थे। CM योगी ने जवाब दिया कि गाय हमारी माता है। मां और पुत्र के बीच कुछ घोषित करने की जरूरत नहीं पड़ती।
निष्कर्ष
Factgiri की पड़ताल में वायरल वीडियो का दावा भ्रामक पाया गया। पुराने बयान में CM योगी आदित्यनाथ गौ हत्या पर कानूनी प्रतिबंध की बात कर रहे थे, जबकि नया बयान गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग के संदर्भ में था। दोनों बयानों का संदर्भ अलग है। साथ ही, उत्तर प्रदेश में 2020 में गौवध रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया जा चुका है।
MISLEADING




