Factgiri Fact Check: उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बाद कई शहरों में जलभराव की तस्वीरें सामने आ रही हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 27 सितंबर को एक वीडियो शेयर कर शहरों में जलभराव के लिए भाजपा सरकार की जलनिकासी व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया। लेकिन फैक्टगिरी की पड़ताल में दावा भ्रामक निकला। खुद लखनऊ म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ने इस दावे को गलत और भ्रामक बताया।
वायरल पोस्ट में अखिलेश यादव ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने X पर लिखा कि शहरों में जलभराव का मुख्य कारण अधिक बारिश नहीं, बल्कि “भाजपाई भ्रष्टाचार” की वजह से जलनिकासी व्यवस्था का फेल होना है। उन्होंने नालों में गंदगी और नदियों में गाद जमा होने को भी जलनिकासी में बाधा बताया। ABP Live और The News Mill ने भी उनके इसी बयान को रिपोर्ट किया है।
क्या बारिश से जलभराव हुआ था?
यहां तस्वीर थोड़ी अलग है। PTI की रिपोर्ट, जिसे ABP Live ने प्रकाशित किया, के मुताबिक 26 सितंबर को उत्तर प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई और राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान सामान्य से करीब 19 गुना अधिक बारिश हुई। बारिश से जुड़ी घटनाओं में मौतें और नुकसान की भी सूचना दी गई।
नगर निगम ने क्या जवाब दिया?
अखिलेश यादव की पोस्ट पर लखनऊ नगर निगम ने जवाब देते हुए दावे को निराधार और भ्रामक बताया। निगम के मुताबिक मानसून से पहले प्रमुख और सहायक नालों की डी-सिल्टिंग कराई गई थी और जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपिंग स्टेशन तथा मोबाइल डी-वॉटरिंग टीमें सक्रिय थीं। निगम ने त्वरित जलनिकासी का भी दावा किया।

वहीं, The News Mill के अनुसार भारी बारिश के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज किए थे। वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर घटने के बाद घाटों पर जमा गाद की सफाई और डी-सिल्टिंग का काम तेज किया गया।
FactGiri का निष्कर्ष
FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि जलभराव की घटनाएं वास्तविक हैं और प्रदेश में इस दौरान भारी बारिश भी हुई थी, लेकिन अखिलेश यादव के वीडियो में दिखाए गए दावे पूरी तरह निराधार व भ्रामक हैं, इसे खुद LMC ने भी कहा है। वायरल वीडियो के दावे के रिप्लाई में कुछ ही देर बाद के वीडियो भी शेयर किए गए हैे, जिसमें रोड बिलकुल साफ और जलजमाव नहीं दिख रहा।
FactGiri Verdict: भ्रामक/अप्रमाणित




