FactGiri Fact Check: सोशल मीडिया पर वाराणसी का एक वीडियो वायरल है। दावा किया जा रहा है कि यहां मौजूद पुलिसकर्मी महिला नर्तकियों का डांस देखने में व्यस्त थे और मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। लेकिन फैक्टगिरी की पड़ताल में कई अहम पहलू और तथ्य सामने आए हैं। दरअसल, यह वाराणसी के लाटभैरव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम का वीडियो है। लाटभैरव मंदिर वाराणसी में साम्प्रदायिक दृष्टि से एक अतिसंवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर यहां भारी पुलिसफोर्स तैनात रहती है।
क्या है वायरल वीडियो का दावा?
वायरल वीडियो में कार्यक्रम के दौरान कुछ पुलिसकर्मी मंच की तरफ देखते दिखाई दे रहे हैं। इसी आधार पर दावा किया जा रहा है कि जवान सुरक्षा ड्यूटी भूलकर कार्यक्रम देखने में लगे थे। कुछ पोस्ट में उनके मोबाइल इस्तेमाल करने को भी मुद्दा बनाया गया है, और कुछ ने सवाल किया कि यहां, किसकी सुरक्षा में इतने पुलिसकर्मी लगे हैं।

FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
26 सितंबर 2026 को काशी के अष्टभैरव में से एक बाबा लाटभैरव की बारात निकली थी और अगले दिन 27 सितंबर को विवाह के बाद खिचड़ी की रस्म तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक कार्यक्रम में नर्तकियों ने गीतों पर प्रस्तुति दी।
क्या पुलिसकर्मी ड्यूटी छोड़कर डांस देख रहे थे?
वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों का मंच की तरफ देखना दिखाई देता है। लेकिन केवल इस दृश्य के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना कि वे ड्यूटी छोड़कर मनोरंजन कर रहे थे, साबित नहीं होता।
इसी तरह उनके हाथ में मोबाइल दिखाई देने से यह भी निश्चित नहीं किया जा सकता कि वे निजी तौर पर डांस का वीडियो बना रहे थे। इतने अति संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस सुरक्षा के मद्देनजर वीडियो रिकॉर्डिंग करती है, ताकि कोई अप्रीय घटना हो तो उसके साक्ष्य उनके पास मौजूद रहे।
DCP काशी ने बताया वीडियो AI जनरेटेड
वीडियो वायरल होने पर पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने इसका संज्ञान लिया और DCP Kashi ने बताया कि वीडियो AI जनरेटेड है जो पुलिस की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से प्रसारित किया जा रहा है।

आयोजन में भारी पुलिसफोर्स सुरक्षा व्यवस्था में क्यों थी?
लाटभैरव परिसर और उसके आसपास मुस्लिम आबादी वाला सरैया क्षेत्र है और मंदिर से जुड़े धार्मिक दावों को लेकर लंबे समय से विवाद भी रहा है। इस कारण आयोजन में अधिक पुलिसफोर्स की तैनाती रहती है। पुलिसकर्मी वहां मौजूद हैं, लेकिन न तो कोई अश्लील गतिविधि में लिप्त हैं और ना ही ड्यूटी पर स्वयं नृत्य कर रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में होने वाले आयोजनों की वीडियोग्राफी करना पुलिस की रुटीन ड्यूटी में शामिल है।
FactGiri निष्कर्ष
वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों का मंच की ओर देखना और मोबाइल का इस्तेमाल दिखाई देता है, लेकिन उपलब्ध वीडियो से यह साबित नहीं होता कि वे ड्यूटी छोड़कर ऑकेस्ट्रा देख रहे थे। इसलिए सिर्फ वीडियो के आधार पर पुलिस पर ड्यूटी से भटकने का आरोप लगाना भ्रामक है। DCP काशी ने खुद स्प्ष्ट किया है कि वीडियो AI जेनरेटेड है।




