Factgiri Fact Check: अयोध्या में जिला अस्पताल में एक मरीज को फर्श पर घसीटकर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने 6 अक्टूबर को वीडियो शेयर करते हुए “भाजपा सरकार का हाल” लिखा। वीडियो वास्तविक है, लेकिन FactGiri की पड़ताल में घटना को लेकर कुछ अहम तथ्य सामने आए हैं।
वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?
वीडियो में एक युवक कमजोर मरीज के दोनों हाथ पकड़कर उसे अस्पताल के गलियारे में फर्श पर खींचता दिखाई देता है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक घटना 5 अक्टूबर की दोपहर करीब एक बजे अयोध्या जिला अस्पताल की है। मरीज करीब 45 वर्ष का है और उसके साथ कोई परिजन मौजूद नहीं था।
घसीटने वाला अस्पताल कर्मचारी था?
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. राजेश सिंह ने इससे इनकार किया है। उनके मुताबिक वीडियो में दिख रहा युवक अस्पताल का कर्मचारी नहीं बल्कि किसी दूसरे मरीज का अटेंडेंट था।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक मरीज को 3 अक्टूबर की शाम एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया था। कोई तीमारदार नहीं होने के कारण बाद में उसे लावारिस वार्ड में रखा गया। मरीज को लिवर संबंधी समस्या थी और वह काफी कमजोर होने के कारण ठीक से चलने या बोलने की स्थिति में नहीं था।
जांच के बाद वार्ड लौटते समय हुई घटना
CMS के मुताबिक 5 अक्टूबर को मरीज को बलगम की जांच के लिए लैब ले जाया गया था। जांच के बाद वह खुद वार्ड तक नहीं जा सका। इसी दौरान उसने वहां मौजूद दूसरे मरीज के अटेंडेंट से वार्ड तक पहुंचाने में मदद मांगी।
युवक ने मरीज को उठाने या स्ट्रेचर की व्यवस्था करने के बजाय हाथ पकड़कर फर्श पर खींचना शुरू कर दिया। CMS के अनुसार अस्पताल स्टाफ को जानकारी मिलने पर कर्मचारी ने युवक को रोका और मरीज को स्ट्रेचर से लावारिस वार्ड पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी रहा।

FactGiri का निष्कर्ष
वायरल वीडियो वास्तविक है और मरीज को फर्श पर घसीटा जाना भी सही है। लेकिन उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक मरीज को घसीटने वाला व्यक्ति अस्पताल का कर्मचारी नहीं, बल्कि दूसरे मरीज का अटेंडेंट था।
FACTGIRI VERDICT: वीडियो TRUE; मरीज को घसीटने वाला अस्पताल कर्मचारी होने की पुष्टि नहीं- CMS के मुताबिक वह दूसरे मरीज का अटेंडेंट था




