Factgiri Fact Check: लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 5 अक्टूबर की सुबह सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री की “निकासी का समय आ गया”, लेकिन लखनऊ में उनके घर के पास ही जलभराव की निकासी नहीं हो पाई। अब सवाल है कि इस राजनीतिक दावे के पीछे पूरा तथ्य क्या है? FactGiri ने उपलब्ध रिपोर्टों की पड़ताल की तो सामने आया कि यह लगभग 18 साल बाद की सबसे बड़ी बाढ़ जैसी स्थिति है।
अखिलेश का ट्वीट असली, लेकिन तस्वीर अधूरी
अखिलेश यादव का 5 अक्टूबर का पोस्ट उनके आधिकारिक एक्स अकाउंट से किया गया है। इसमें लखनऊ के जलभराव वाले इलाकों का वीडियो साझा करते हुए सरकार पर तंज कसा गया। इसलिए ट्वीट के असली होने पर कोई सवाल नहीं है। लेकिन पोस्ट से यह निष्कर्ष निकलता है कि सरकार ने बाढ़ की स्थिति पर कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि उसी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
उसी दिन योगी का हवाई और जमीनी दौरा
दैनिक जागरण की 5 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद बख्शी का तालाब में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, राहत सामग्री बांटी और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की।
सीएम ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती किनारे ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर तटबंध बनाने की घोषणा भी की। सिंचाई विभाग को सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने और तटबंध के बाहर जलभराव रोकने के लिए पंपिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
राहत और मुआवजे पर क्या हुआ?
बाढ़ प्रभावित परिवारों को चावल, आटा, दाल, तेल, तिरपाल समेत 26 जरूरी वस्तुओं वाली राहत सामग्री देने की जानकारी सामने आई है। राहत शिविरों में गर्म भोजन, बच्चों के लिए दूध और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषक आहार की व्यवस्था के निर्देश दिए गए।

जनहानि की स्थिति में ₹4 लाख की तत्काल सहायता, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए आवास योजना और फसल नुकसान के सर्वे के बाद मुआवजे की बात भी कही गई है। पशुहानि की भरपाई और स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी-स्नेक वेनम व एंटी-रेबीज की उपलब्धता के निर्देश दिए गए।

18 साल बाद ऐसे हालात?
रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले ऐसे गंभीर हालात 2008 में बने थे। नवभारत टाइम्स ने भी उत्तर प्रदेश में इस साल 2008 के बाद सबसे अधिक बारिश और 18 साल का रिकॉर्ड टूटने की रिपोर्ट प्रकाशित की है।

FactGiri Verdict
अखिलेश यादव का ट्वीट असली है और लखनऊ में जलभराव का मुद्दा भी वास्तविक है। लेकिन “सरकार ने निकासी या राहत के लिए कुछ नहीं किया” जैसी तस्वीर उपलब्ध रिकॉर्ड से पूरी तरह साबित नहीं होती। 5 अक्टूबर को ही मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का हवाई और जमीनी दौरा किया, राहत सामग्री बांटी, मुआवजे की घोषणा की और फैजुल्लागंज-नैमिष के बीच तटबंध बनाने का ऐलान किया। इसलिए वायरल राजनीतिक नैरेटिव एकतरफा तस्वीर है।




