FactGiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिला अस्पताल में इलाज कराने आई 10 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ सफाईकर्मी द्वारा छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न किए जाने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि कर्मचारी बच्ची के पीछे वॉशरूम में गया और उसके साथ गलत हरकत की। लेकिन FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि अमरोहा पुलिस ने वायरल आरोप का खंडन करते हुए इसे जांच में असत्य पाए जाने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, सफाई के दौरान कमरे से बाहर जाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी।
क्या है वायरल दावा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @Journo_Khalid नाम के अकाउंट से अमरोहा जिला अस्पताल की घटना को लेकर पोस्ट किया गया। पोस्ट में आरोप लगाया गया कि टाइफाइड से पीड़ित एक नाबालिग मुस्लिम बच्ची के साथ अस्पताल के सफाईकर्मी ने छेड़छाड़ की। 14 अक्टूबर को अमर उजाला और हिंदुस्तान ने भी इस मामले में शुरुआती आरोपों के आधार पर समाचार प्रकाशित किए।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
वायरल दावे की जांच के दौरान अमरोहा पुलिस के आधिकारिक X अकाउंट @amrohapolice से जारी स्पष्टीकरण सामने आया। उपलब्ध पुलिस बयान के अनुसार, जांच में सफाईकर्मी द्वारा बच्ची से छेड़छाड़ किए जाने का आरोप असत्य पाया गया। पुलिस ने बताया कि अस्पताल के कमरे में सफाई के दौरान बाहर जाने की बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी।

पुलिस ने परिजनों के लिखित बयान पर क्या बताया?
अमरोहा पुलिस ने वायरल पोस्ट के जवाब में यह भी कहा कि संबंधित महिला ने लिखित रूप से छेड़छाड़ की सूचना को गलत बताया है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने इस संबंध में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहने की बात भी लिखित रूप से दी है। वहीं, अमर उजाला और हिंदुस्तान की शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया था कि अस्पताल प्रशासन ने आरोपों की जांच के लिए समिति गठित की थी।

FactGiri का निष्कर्ष
अमरोहा जिला अस्पताल में बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप सोशल मीडिया के माध्यम से सामने वायरल है लेकिन अमरोहा पुलिस ने जांच के बाद इसे असत्य बताया है। पुलिस के अनुसार, मामला सफाई के दौरान हुई कहासुनी से जुड़ा था और संबंधित महिला ने लिखित रूप से आरोप को गलत बताया।
FACTGIRI VERDICT: भ्रामक। पुलिस जांच के अनुसार वायरल आरोप असत्य है।




