सलोन उपचुनाव में सपा समर्थित प्रत्याशी की जीत के बाद क्या प्रशासन ने रद्द कर दिया चुनाव? FactGiri की पड़ताल में जानिए सोशल मीडिया के दावे का सच

FactGiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में सलोन नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है। X पर ‘Youth Against Hate‘ नाम के हैंडल समेत कई यूजर्स आरोप लगा रहे हैं कि समाजवादी पार्टी समर्थित उम्मीदवार मोहम्मद सरफराज के जीतते ही प्रशासन ने चुनाव रद्द कर दिया। लेकिन FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि चुनाव रद्द होने की बात सही नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के चलते मतगणना के बाद परिणाम की आधिकारिक घोषणा रोक दी गई है।

क्या है वायरल दावा?

सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि सलोन नगर पंचायत उपचुनाव में सपा समर्थित उम्मीदवार सरफराज अहमद ने जीत हासिल की, लेकिन प्रशासन ने परिणाम घोषित करने के बजाय पूरा चुनाव निरस्त कर दिया। कुछ पोस्ट में इसे राजनीतिक दबाव में लिया गया फैसला बताते हुए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं।

FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?

FactGiri ने वायरल दावे की जांच के लिए अमर उजाला, हिंदुस्तान और अन्य स्थानीय समाचार रिपोर्टों की पड़ताल की। अमर उजाला की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, सलोन नगर पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव की मतगणना सर्वोदय विद्यापीठ इंटर कॉलेज में हुई।

मतगणना में निर्दलीय प्रत्याशी सरफराज अहमद ने 645 मतों की बढ़त हासिल की थी। हालांकि, आधिकारिक परिणाम घोषित होने से पहले हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की जानकारी सामने आई और नतीजे की घोषणा रोक दी गई।

हाईकोर्ट ने परिणाम पर रोक क्यों लगाई?

यह उपचुनाव इसलिए कराया जा रहा था क्योंकि सलोन नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर रस्तोगी (शेखर रस्तोगी) के निर्वाचन को रद्द कर दिया गया था। रस्तोगी पर आरोप था कि ओबीसी (OBC) आरक्षित सीट पर उन्होंने कथित रूप से फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा था। इस कार्रवाई के खिलाफ चंद्रशेखर रस्तोगी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए इस पूरी चुनावी प्रक्रिया और इसके परिणाम पर अंतरिम रोक (Stay) लगा दी।

क्या सरफराज को विजेता घोषित किया गया था?

नहीं। उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में सरफराज के 645 मतों से आगे होने की पुष्टि होती है, लेकिन उन्हें आधिकारिक रूप से विजेता घोषित किए जाने या निर्वाचन प्रमाण पत्र मिलने की पुष्टि नहीं होती। चुनाव में बढ़त हासिल करना, आधिकारिक परिणाम घोषित होना और चुनाव रद्द किया जाना तीन अलग-अलग स्थितियां हैं।

FactGiri का निष्कर्ष

रायबरेली के सलोन नगर पंचायत उपचुनाव में सरफराज अहमद के 645 वोटों से आगे होने की खबर सही है। हालांकि, चुनाव रद्द किए जाने का दावा भ्रामक है। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर रस्तोगी की याचिका पर हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के कारण परिणाम की घोषणा रोकी गई। राजनीतिक दबाव में चुनाव रद्द करने का आरोप भ्रामक है।

FACTGIRI VERDICT: MISLEADING / भ्रामक

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