Fact Check: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर एक 16 सेकंड का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में भगवा कपड़े पहने कुछ लोग मस्जिद के सामने से लाठी और तलवार जैसे हथियार लेकर गुजरते दिखाई दे रहे हैं। इसे सहारनपुर का बताकर सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक तनाव से जोड़ा जा रहा है।
एक्स, फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म पर वीडियो के साथ दावा किया गया कि सहारनपुर में हिंदुत्ववादी लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। Factgiri की पड़ताल में यह दावा भ्रामक निकला। वायरल वीडियो सहारनपुर का नहीं, बल्कि उत्तराखंड के हरिद्वार का है।
क्या है वायरल वीडियो का दावा?
एक्स यूजर ‘Muhammad Imran Razvi’ ने 8 सितंबर 2026 को वीडियो शेयर करते हुए इसे सहारनपुर की घटना बताया। पोस्ट में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और कथित हिंदुत्ववादी गतिविधियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए। वीडियो के वायरल होने के बाद इसे सहारनपुर में 5 सितंबर को हुई मस्जिद ध्वस्तीकरण कार्रवाई से जोड़कर शेयर किया जाने लगा।
Factgiri की पड़ताल में सामने आया सच
Factgiri ने वायरल वीडियो के कई कीफ्रेम निकालकर Google Lens और सोशल मीडिया पर खोज की। सर्च के दौरान यही वीडियो एक अन्य एक्स हैंडल पर मिला, जहां इसे 3 सितंबर को उत्तराखंड के हरिद्वार का बताया गया था।
इसके बाद वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति के नाम से सोशल मीडिया प्रोफाइल खंगाले गए। संबंधित फेसबुक पेज पर वीडियो का पुराना संस्करण मिला, जिसे 2 सितंबर 2026 को ‘मुहिमधारी मुहिम यात्रा’ के दूसरे दिन का बताया गया था। इंस्टाग्राम पर भी इस यात्रा से जुड़ी पोस्ट मिली। उसमें बताया गया था कि यह धार्मिक जागरण यात्रा हरिद्वार से शाकुंभरी देवी तक 1 से 3 सितंबर के बीच निकाली गई थी।

सहारनपुर पुलिस ने भी किया वायरल दावे का खंडन
Factgiri की जांच में सबसे अहम पुष्टि सहारनपुर पुलिस के आधिकारिक बयान से हुई। पुलिस ने 8 सितंबर को स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो 2 सितंबर 2026 को ग्राम डालुवाला, थाना बुग्गावाला, हरिद्वार, उत्तराखंड में बनाया गया था। इसका सहारनपुर की घटना से कोई संबंध नहीं है।

निष्कर्ष
वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे लोग सहारनपुर की मस्जिद ध्वस्तीकरण घटना से जुड़े नहीं हैं। वीडियो हरिद्वार के डालुवाला गांव में हुई धार्मिक यात्रा के दौरान रिकॉर्ड किया गया था और इसे बाद में गलत संदर्भ के साथ सहारनपुर का बताकर शेयर किया गया।
Factgiri Verdict: MISLEADING | भ्रामक




