Fact Check: बरेली के शेरगढ़ क्षेत्र के बैरमनगर गांव में जल जीवन मिशन के तहत बन रही करीब 3.97 करोड़ रुपये की निर्माणाधीन पानी की टंकी के किच्छा नदी में समाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी और उसके समर्थकों ने इसे योगी सरकार में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का नतीजा बताया। लेकिन Factgiri की पड़ताल में और जल निगम (ग्रामीण) की रिपोर्ट तस्वीर साफ बताती है कि, निर्माणाधीन पानी की टंकी अत्यधिक बाढ़ के चलते नदी के कटान के कारण गिरी, न कि लापरवाही के चलते।
क्या है वायरल दावा?
सपा की ओर से इमेज शेयर कर आरोप लगाया गया कि जल जीवन मिशन में कमीशनखोरी के चलते घटिया निर्माण कराया गया और इसी वजह से करोड़ों रुपये की पानी की टंकी ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
Factgiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
मीडिया रिपोर्टों और जल निगम (ग्रामीण) की तकनीकी रिपोर्ट के मुताबिक, जब टंकी का निर्माण शुरू हुआ था, तब किच्छा नदी निर्माण स्थल से करीब 150 मीटर दूर थी। उस समय साइट फ्लड जोन में भी नहीं थी। निर्माण से पहले मिट्टी की जांच कराई गई और स्वीकृत डिजाइन व निर्धारित मानकों के अनुसार काम किया गया था।

इसके बाद भारी बारिश और गौला बैराज से पानी छोड़े जाने की संभावना के बीच नदी का जलप्रवाह अचानक बढ़ा। करीब 3-4 दिनों में नदी की धारा बदली और तेज कटान टंकी के परिसर तक पहुंच गया। पानी के तेज बहाव से टंकी की करीब तीन मीटर गहरी नींव के आसपास की मिट्टी बह गई और उसका आधार कमजोर पड़ने के बाद 8 सितंबर को निर्माणाधीन ढांचा नदी में समा गया।
क्या भ्रष्टाचार का आरोप साबित हुआ?
नहीं, डीएम बरेली अविनाश सिंह ने भी कन्फर्म किया है कि नदी का पानी जब तेजी से बढ़ रहा तो SDM और प्रशासन नजर बनाए हुए था। नदी की कटान इतनी तेजी से हुई कि निर्माणाधीन टंकी गिर गई। इस मामले में 3 सदस्यी कमेटी गठित की गई है, जिसमें SDM, ADM और BDO मिलकर पूरे परिस्थिति की जांच कर रहे कि साइट सेलेक्शन गलत जगह हुई या अन्य क्या दिक्कते आई।
Factgiri Verdict: MISLEADING | भ्रामक
बरेली में टंकी गिरने की घटना वास्तविक है, लेकिन इसे सीधे-सीधे ‘कमीशनखोरी और घटिया निर्माण का सबूत’ बताना उपलब्ध जांच के आधार पर सही नहीं है।
जल निगम की रिपोर्ट में तेज नदी कटान और अचानक बढ़े जलप्रवाह को टंकी गिरने की प्रमुख वजह बताया गया है। डीएम ने भी स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता की कमी नहीं, बाढ़ के चलते नदी की तेजी से कटान की वजह से ऐसा हुआ है।
गुणवत्ता नहीं प्राकृतिक परिस्थितियां बनीं टंकी गिरने की वजह




