Factgiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की राबर्ट्सगंज विधानसभा सीट से भाजपा विधायक भूपेश चौबे का कान पकड़कर उठक-बैठक लगाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है। X पर @ManishPDA समेत कई अकाउंट से इसे साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि जनता की नाराजगी के कारण विधायक को वोट मांगने के लिए माफी मांगनी पड़ रही है। लेकिन FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो अक्टूबर 2026 का नहीं, बल्कि फरवरी 2022 के विधानसभा चुनाव प्रचार का है। खास बात यह है कि घटना के बाद हुए चुनाव में भूपेश चौबे दोबारा विधायक चुने गए थे।
क्या है वायरल वीडियो में दावा?
वायरल वीडियो में भूपेश चौबे मंच पर कुर्सी के ऊपर खड़े होकर कान पकड़ते और उठक-बैठक लगाते दिखाई देते हैं। वीडियो साझा करने वाले पोस्ट में कहा गया कि जनता अब नेताओं से उनके काम का हिसाब मांग रही है और विधायक को माफी मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
वायरल वीडियो की सत्यता जानने के लिए हमारी टीम ने इसके की-फ्रेम्स को रिवर्स सर्च और की-वर्ड्स के जरिए इंटरनेट पर खंगाला। पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो वर्तमान का नहीं, बल्कि फरवरी 2022 का (लगभग साढ़े चार साल पुराना) है।
NDTV, हिंदुस्तान टाइम्स और लाइव हिंदुस्तान ने उसी दिन इस घटना की खबर और वीडियो प्रकाशित किया था। उस समय उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव चल रहे थे। भाजपा ने भूपेश चौबे को राबर्ट्सगंज सीट से दोबारा उम्मीदवार बनाया था। चुनाव प्रचार के दौरान आयोजित सभा में उन्होंने पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल में हुई गलतियों के लिए कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से माफी मांगी थी।

क्या जनता ने माफ़ नहीं किया?
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ‘जनता इन्हें माफ़ करने को तैयार नहीं है।’ जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। मार्च 2022 में आए चुनाव परिणामों में राबर्ट्सगंज की जनता ने भूपेश चौबे को माफ़ करते हुए भारी समर्थन दिया। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी (SP) के उम्मीदवार अविनाश कुशवाहा को 5,621 वोटों से हराकर दोबारा जीत दर्ज की थी।

FactGiri की पड़ताल का निष्कर्ष
X पर किया जा रहा दावा भ्रामक और पुराना है। विधायक भूपेश चौबे द्वारा उठक-बैठक लगाने का वीडियो फरवरी 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का है। इस घटना के बाद हुए चुनाव में जनता ने उन्हें दोबारा भारी मतों से जिताया था। वर्तमान समय से इस वीडियो का कोई सीधा संबंध नहीं है।
FACTGIRI VERDICT: पुराना वीडियो, भ्रामक




