Factgiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में दो युवकों की गिरफ्तारी और पुलिस द्वारा उन्हें सड़क पर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक पोस्ट में आरोप लगाया गया कि युवकों के PDA समाज से होने के कारण पुलिस ने उनके साथ सख्ती की। लेकिन FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि पुलिस ने दोनों युवकों को छात्रा से कथित छेड़खानी और अभद्र व्यवहार की शिकायत पर गिरफ्तार किया था।
सोशल मीडिया पोस्ट में क्या दावा किया गया?
X पर @YadavManish1001 नाम के अकाउंट से वायरल वीडियो साझा करते हुए लिखा गया कि युवक PDA समाज से हैं, इसलिए उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि यदि युवक पुलिस अधिकारियों की स्वजाति के होते तो उन्हें छोड़ दिया जाता।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
13 अक्टूबर को प्रकाशित आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतापगढ़ के भगवा चुंगी चौराहे पर पुलिस चौकी के पास बाइक सवार दो युवकों ने एक छात्रा से मोबाइल नंबर मांगा और कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया।
छात्रा ने पास की पुलिस चौकी में शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की और दोनों युवकों की पहचान की। पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार युवकों की पहचान और मुकदमा
प्रतापगढ़ पुलिस के उपलब्ध आधिकारिक विवरण के अनुसार, गिरफ्तार युवकों की पहचान सुभाष पाल, पुत्र दिनेश पाल, निवासी अकारीपुर, थाना मांधाता और दक्ष पाल, पुत्र शोभनाथ, निवासी भवानीगंज, थाना रानीगंज के रूप में हुई। क्षेत्राधिकारी नगर आशुतोष मिश्रा ने भी वीडियो बयान जारी कर गिरफ्तारी की पुष्टि की।
क्या जाति के आधार पर गिरफ्तारी हुई?
पुलिस के उपलब्ध बयान और प्रकाशित समाचार रिपोर्ट में दोनों युवकों के खिलाफ छात्रा से अभद्रता की शिकायत, सीसीटीवी जांच और कानूनी कार्रवाई का उल्लेख है। किसी दस्तावेज में यह नहीं बताया गया कि दोनों को उनकी जाति या PDA पहचान के कारण गिरफ्तार किया गया।
FactGiri का निष्कर्ष
प्रतापगढ़ में दोनों युवकों की गिरफ्तारी और उन्हें सड़क पर ले जाने की घटना सही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कार्रवाई छात्रा से कथित अभद्र व्यवहार की शिकायत पर की गई थी।
Sunnykumarप्रोफ़ाइल संपादित करें
FactGiri Fact Check: जातिगत भेदभाव के आधार पर गिरफ्तारी का दावा अप्रमाणित। भ्रामक




