Dhirendra Pratap Death News Fact Check: सोशल मीडिया पर रविवार को लखनऊ में हिंदू युवा वाहिनी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह के अपहरण और गोली मारकर हत्या किए जाने का दावा तेजी से वायरल हुआ। देखते ही देखते यह खबर सोशल मीडिया से आगे बढ़कर कुछ न्यूज चैनलों तक भी पहुंच गई। हालांकि, खबर फैलते ही धीरेंद्र प्रताप सिंह सामने आए और उन्होंने अपने जिंदा होने की और पूरी तरह सेफ होने की पुष्टि की। पड़ताल में सामने आया कि उनकी हत्या की खबर गलत पहचान के चलते फैली थी।
क्या था वायरल दावा?
सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में धीरेंद्र प्रताप नाम के व्यक्ति का अपहरण करने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई। X पर कई यूजर्स ने इस दावे के साथ वीडियो और तस्वीरें शेयर कीं। कुछ पोस्ट में इसे योगी सरकार की कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए सवाल भी उठाए गए।
इसी दौरान कई सोशल मीडिया अकाउंट्स से एक ही तरह की पोस्ट तेजी से शेयर होने लगी और बाद में कुछ समाचार चैनलों पर भी धीरेंद्र प्रताप की हत्या से जुड़ी खबर प्रसारित हो गई।

Factgiri की पड़ताल में क्या सामने आया
Factgiri ने जब इस पूरे मामले की पड़ताल की तो, सामने आया कि ये धीरेंद्र प्रताप के मौत की खबर पूर तरह फर्जी है। वायरल दावे के बीच धीरेंद्र प्रताप सिंह का एक वीडियो सामने आया। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जिंदा हैं और पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि किसी अन्य व्यक्ति की हत्या की खबर को उनकी पहचान से जोड़कर वायरल कर दिया गया।
खबर में उनकी तस्वीर के साथ उन्हें हिंदू युवा वाहिनी और हिंदूवादी नेता के तौर पर दिखाया गया, जिसके बाद उनके पास लगातार फोन आने लगे। धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्नाव निवासी एक अन्य धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या की खबर को उनके साथ जोड़ दिया गया। इसी गलत पहचान के कारण लखनऊ में उनके अपहरण और हत्या का दावा सोशल मीडिया पर फैल गया।
Fact Check का निष्कर्ष
Factgiri की पड़ताल में लखनऊ के हिंदू युवा वाहिनी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या का वायरल दावा गलत पाया गया। खुद धीरेंद्र प्रताप सिंह ने सामने आकर अपने सुरक्षित होने की पुष्टि की है। मामला गलत पहचान से जुड़ी खबर के वायरल होने का है।
FALSE




