Fact Check: सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा कुछ लोगों को हिरासत में लेते हुए एक वीडियो वायरल है। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये लोग SC, ST और OBC आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंचे थे, जिसके बाद पुलिस ने उनके साथ मारपीट करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। Factgiri की पड़ताल में यह दावा भ्रामक पाया गया।
वायरल वीडियो में क्या दावा है?
वायरल पोस्ट में वीडियो के साथ लिखा गया, “OBC SC ST समाज के आरक्षण का विरोध कर रहे थे ब्राह्मणवादी लोग… वीडियो में पुलिसकर्मी कुछ प्रदर्शनकारियों को पकड़कर ले जाते दिखाई दे रहे हैं।
Factgiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
वीडियो के प्रमुख फ्रेम्स की रिवर्स इमेज सर्च करने पर इससे मिलता-जुलता वीडियो 30 जुलाई 2026 को इंस्टाग्राम पर मिला। पोस्ट के मुताबिक, यह वीडियो लखनऊ के 1090 चौराहे पर समाजवादी पार्टी छात्र सभा के प्रदर्शन का है।
जांच में सामने आया कि प्रदर्शनकारी समाजवादी पार्टी के झंडे और बैनर लेकर मौजूद थे और वहां ‘अखिलेश यादव जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए जा रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई थी।
इसकी पुष्टि दैनिक भास्कर की 30 जुलाई की रिपोर्ट से भी होती है। रिपोर्ट के अनुसार, समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई ने छात्र संघ चुनाव बहाली समेत कई मांगों को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन किया था।

इसके अलावा प्रदर्शन से जुड़े दूसरे वीडियो में पेपर लीक, बेरोजगारी, महंगाई और राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए जाने की जानकारी मिलती है। समाजवादी पार्टी की ओर से जारी प्रेस रिलीज में भी फीस बढ़ोतरी वापस लेने, छात्र संघ चुनाव बहाल करने और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े आदेश को वापस लेने जैसी मांगों का उल्लेख किया गया था।
निष्कर्ष
Factgiri की पड़ताल में वायरल वीडियो को आरक्षण विरोधी प्रदर्शन का बताने वाला दावा भ्रामक निकला। वीडियो लखनऊ में समाजवादी पार्टी छात्र सभा के प्रदर्शन का है।
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