क्या योगी सरकार में ‘ठाकुर’ आरोपियों पर नहीं हुई कार्रवाई? सीतापुर मामले में सपा के दावे की Factgiri पड़ताल

Factgiri Fact Check: सीतापुर में दलित किसान मनोज गौतम की पीट-पीटकर हत्या के बाद समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने आरोप लगाया कि ठाकुर समुदाय के अपराधियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार का संरक्षण प्राप्त है। सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में इस घटना को दलितों के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा से जोड़ा गया। लेकिन FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि पुलिस ने हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज कर वारदात के अगले दिन तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है समाजवादी पार्टी मीडिया सेल का दावा?

समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने अपने आधिकारिक X अकाउंट से सीतापुर की घटना को लेकर पोस्ट किया। इसमें आरोप लगाया गया कि ठाकुर समुदाय के लोगों ने दलित युवक की सरेआम हत्या कर दी और ऐसे अपराधियों को भाजपा सरकार का संरक्षण मिल रहा है।इस दावे की जांच के लिए FactGiri ने पुलिस के बयान और दैनिक जागरण, आजतक, टीवी9 तथा समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्टों का मिलान किया।

क्या हुआ था सीतापुर में?

15 अक्टूबर की शाम कमलापुर थाना क्षेत्र के लुधौरा गांव के पास नेशनल हाईवे-30 पर 35 वर्षीय मनोज गौतम पर हमला हुआ था। मनोज अपनी दस वर्षीय बेटी के साथ बाजार से घर लौट रहे थे। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर लाठी-डंडों से पीटा। गंभीर रूप से घायल मनोज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसमंडा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। नामजद आरोपियों में शुभम सिंह, धीरेंद्र सिंह और नरेंद्र सिंह सहित दो महिलाओं के नाम भी सामने आए।

क्या आरोपियों को संरक्षण मिला और गिरफ्तारी नहीं हुई?

डाइनामाइट न्यूज पोर्टल की 17 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, सीतापुर के पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने चार आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की थी। यानी 15 अक्टूबर की घटना के 48 घंटे के अंदर ही चार गिरफ्तारियां हो चुकी थीं। शेष आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई थीं। इसलिए यह कहना कि आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, भ्रामक और गलत है।

हत्या की वजह क्या थी?

दैनिक भास्कर और पुलिस की प्रारंभिक जांच में दोनों परिवारों के बीच पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। दैनिक जागरण के अनुसार, वर्ष 2019 में मनोज ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इस कारण दोनों पक्षों में पहले से विवाद था।

FactGiri का निष्कर्ष

मनोज गौतम की हत्या की घटना सही है और पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस की कार्रवाई दर्ज है, जबकि हत्या के पीछे की पूरी वजह और सभी आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।

FACTGIRI VERDICT: राजनीतिक संरक्षण का आरोप गलत व भ्रामक, चार आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि।

Hot this week

BJP ने इलाहाबाद बैंक बेच दिया? अखिलेश यादव के दावे की FactGiri पड़ताल

Factgiri Fact Check: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश...

Topics

BJP ने इलाहाबाद बैंक बेच दिया? अखिलेश यादव के दावे की FactGiri पड़ताल

Factgiri Fact Check: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img