क्या बिजनौर में पुलिस ने बंद कराई रामलीला? Factgiri की पड़ताल में सामने आया वायरल दावे का सच

FactGiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस द्वारा रामलीला मंचन बंद कराने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक पोस्ट में पुलिस पर अभद्रता करने और धर्म परिवर्तन की बात कहने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि पुलिस ने रामलीला मंचन पर रोक नहीं लगाई थी, बल्कि कार्यक्रम के दौरान हो रहे नृत्य को रुकवाया था। इसके विरोध में रामलीला कमेटी ने खुद मंच उखाड़कर आयोजन बंद कर दिया।

क्या है वायरल दावा?

एक्स पर @bijnorexpress2 नाम के अकाउंट से दावा किया गया कि बिजनौर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में पुलिस ने रामलीला बंद करा दी। पोस्ट में एक युवक द्वारा पुलिस पर अभद्रता और धर्म परिवर्तन से जुड़े आरोप लगाने का भी उल्लेख है। मामला पैहरूवाला गांव का है, जहां वर्षों से रामलीला का आयोजन होता रहा है।

FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?

FactGiri ने बिजनौर पुलिस के आधिकारिक स्पष्टीकरण के साथ अमर उजाला, हिंदुस्तान और दैनिक जागरण की रिपोर्टों की जांच की। 13 अक्टूबर को प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, रामलीला के दौरान नृत्य का एक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्यक्रम में चल रहा डांस रुकवा दिया था।

ग्रामीणों का आरोप था कि वीडियो करीब दो साल पुराना था और उसे एडिट करके वायरल किया गया। उन्होंने पुलिस पर बिना उचित जांच के कार्रवाई करने का आरोप लगाया। इससे नाराज रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने मंच उखाड़ दिया और आगे मंचन नहीं करने का फैसला किया।

बिजनौर एसपी ने क्या कहा?

बिजनौर के पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने रामलीला मंचन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया था। उनके अनुसार, रोक केवल महिलाओं के नृत्य पर लगाई गई थी। पुलिस ने ग्रामीणों से पारंपरिक रामलीला जारी रखने की अपील भी की। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, कमेटी के कुछ पदाधिकारियों ने पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर धर्म परिवर्तन की चेतावनी दी थी। उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस द्वारा ग्रामीणों को धर्म परिवर्तन की धमकी देने की पुष्टि नहीं होती।

वीडियो एडिट कर रंगदारी मांगने के आरोप में दो गिरफ्तार

इस विवाद में बाद में एक और मामला सामने आया। 15 अक्टूबर को दैनिक जागरण और हिंदुस्तान ने रिपोर्ट किया कि रामलीला के पुराने वीडियो को एआई से एडिट कर वायरल करने की धमकी देकर कमेटी अध्यक्ष से एक लाख रुपये मांगने का आरोप लगा।

पुलिस ने इस मामले में अमन त्यागी और शादाब को गिरफ्तार किया। हालांकि, वीडियो में किए गए बदलावों की पूरी तकनीकी जांच का स्वतंत्र विवरण उपलब्ध नहीं है।

FactGiri का निष्कर्ष

बिजनौर में रामलीला मंचन बंद होने की घटना सही है, लेकिन पुलिस द्वारा पूरी रामलीला पर प्रतिबंध लगाने का दावा भ्रामक है। पुलिस ने नृत्य रुकवाया था, जिसके विरोध में आयोजन समिति ने स्वयं मंच हटाकर कार्यक्रम बंद किया।

FACTGIRI VERDICT: रामलीला बंद होने की घटना सही, लेकिन पुलिस द्वारा पूरे मंचन पर प्रतिबंध लगाने का दावा भ्रामक।

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