Factgiri Fact Check: ग्रेटर नोएडा में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की संदिग्ध मौत को लेकर समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने घटना को मिलावटी और जहरीले खाद्य पदार्थों की बिक्री से जोड़ते हुए सत्ताधारी दल के संरक्षण का दावा किया। लेकिन FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि पुलिस और फॉरेंसिक जांच में मौत की वजह फूड पॉइजनिंग नहीं बल्की पारिवारिक संपत्ति विवाद और संभावित आत्महत्या है। मामले में तीन रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया गया है।
क्या है समाजवादी पार्टी का आरोप?
सपा ने दावा किया कि ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के पीछे फूड पॉइजनिंग हो सकती है। पार्टी ने प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री और कथित राजनीतिक संरक्षण को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
17 अक्टूबर की सुबह रबूपुरा थाना क्षेत्र के नगला श्री पदम गांव में महेश (37), उनकी पत्नी ललिता (35) और तीन बच्चों लड्डू (11), मिष्टी (7) तथा साक्षात (3) के शव घर में मिले। परिवार ने पिछली रात नूडल्स और चाय का सेवन किया था। इसी आधार पर शुरुआत में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई। लेकिन 18 अक्टूबर को इंडिया टुडे, एनडीटीवी और इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टों में जांच की नई जानकारी सामने आई।

वॉइस नोट से सामने आया संपत्ति विवाद
पुलिस को महेश के मोबाइल से एक वॉइस नोट मिला। इसमें उन्होंने अपनी दो बहनों सुनीता और सपना तथा बहनोई शेखर को पारिवारिक परेशानियों के लिए जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस के अनुसार, परिवार में संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर तीनों रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया गया है।

पोस्टमार्टम में क्या सामने आया?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्टमार्टम में विषाक्त पदार्थ के प्रभाव के संकेत मिले हैं। पांचों मृतकों के विसरा नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। पुलिस संभावित आत्महत्या के पहलू की जांच कर रही है। अब तक ऐसा कोई पुष्ट वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे साबित हो कि बाजार से खरीदे गए मिलावटी नूडल्स के कारण परिवार की मौत हुई।
FactGiri का निष्कर्ष
ग्रेटर नोएडा में पांच लोगों की मौत की घटना सही है, लेकिन इसे मिलावटी खाद्य पदार्थों से हुई मौत बताने का प्रमाण नहीं मिला है। पुलिस जांच में संपत्ति विवाद, वॉइस नोट और संभावित आत्महत्या का पहलू सामने आया है।
FACTGIRI VERDICT: सपा का फूड पॉइजनिंग + मिलावटी खाद्य पदार्थ वाला आरोप पूरी तरह गलत और निराधार है।




