Factgiri Fact Check: लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किए जाने के बाद सपा मीडिया सेल ने दावा किया कि भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस अधिकारियों से गलत काम करवाने के बाद उन्हें हटा देते हैं। पार्टी ने विक्रम सिंह की कार्रवाई को भी इसी से जोड़ दिया। हालांकि, FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच में कथित लापरवाही के बीच हुई है।
क्या है समाजवादी पार्टी का आरोप?
सपा मीडिया सेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अधिकारियों का इस्तेमाल करने के बाद उन्हें ठिकाने लगा देती है। पार्टी ने हजरतगंज इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किए जाने को इसका ताजा उदाहरण बताया।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
FactGiri ने लाइव हिंदुस्तान, द इंडियन एक्सप्रेस और अमृत विचार की रिपोर्टों की जांच की। 9 अक्टूबर को हजरतगंज के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। उनकी मां रंजना शर्मा ने मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि, चालक दानिश और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के नौ दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे।

जांच में लापरवाही पर इंस्पेक्टर लाइन हाजिर
18 अक्टूबर को लाइव हिंदुस्तान ने रिपोर्ट किया कि शिवा शर्मा मामले में लापरवाही के आरोप के बाद जांच अधिकारी और हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया। आरोपियों की तलाश में पुलिस की आठ टीमें लगाई गई थीं। इस बीच अदालत ने श्रद्धा दुबे सहित तीन आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए।

FactGiri का निष्कर्ष
हजरतगंज कोतवाली लखनऊ का सबसे वीवीआईपी थाना है, जहां पिछले 3 वर्षों में विपक्ष के नेताओं, कुछ पत्रकारों और सोशल मीडिया यूज़र्स पर सरकार विरोधी पोस्ट या प्रदर्शनों को लेकर मुकदमे दर्ज हुए थे। लेकिन ये सभी मामले कानूनी प्रक्रियाओं, दर्ज शिकायतों और (BNS) की धाराओं के तहत दर्ज किए गए थे। किसी भी अदालत ने इन मुकदमों को मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत या अवैध आदेश पर किया गया घोषित नहीं किया है। सपा का आरोप पूरी तरह से एक राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा है।
FACTGIRI VERDICT: भ्रामक और राजनीतिक MISLEADING / POLITICAL MOTIVATED



