Factgiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने वीडियो को इस अंदाज में शेयर किया कि पाठक युवाओं को नौकरी के बजाय चार घंटे कैब चलाने की सलाह दे रहे हैं। वीडियो में उनका बयान जरूर है, लेकिन क्या इसका मतलब नौकरी छोड़कर टैक्सी चलाने की सलाह देना था? FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि, उनका भाषण भारत टैक्सी के स्वरोजगार और सहकारी मॉडल को बढ़ावा देने के संदर्भ में था, ना कि नौकरी छोड़कर टैक्सी चालने को।
वायरल वीडियो में क्या कहा गया?
23 सितंबर 2026 को लखनऊ में भारत टैक्सी के यूपी लॉन्च कार्यक्रम में ब्रजेश पाठक ने कहा-
“चिंता मत करो, भारत टैक्सी को अपनाओ। भारत टैक्सी यानी अपना पैसा, अपनी मोटर और अपना ड्राइवर… नौकरी और विदेशी कंपनियों के चक्कर में न पड़ो, 4 घंटे अपनी टैक्सी चलाओ।”
यही हिस्सा काटकर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों में भी उनके भारत टैक्सी को अपनाने और स्वरोजगार की बात कहने का उल्लेख है।
बयान का असली संदर्भ क्या था?
कार्यक्रम में पाठक सहकारिता विभाग और भारत टैक्सी के सहकारी मॉडल की चर्चा कर रहे थे। उनका संदेश था कि ड्राइवर निजी कैब कंपनियों के कमीशन आधारित मॉडल के बजाय अपनी गाड़ी के साथ भारत टैक्सी से जुड़कर काम कर सकते हैं।
प्राइवेट/विदेशी कंपनियों (ओला-उबर जैसी) की नौकरी (जहाँ कमीशन कटता है और ड्राइवर सिर्फ कर्मचारी होता है) के पीछे न भागें। अपनी गाड़ी (मोटर) से भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म पर जुड़ें- जहां जीरो कमीशन है, ड्राइवर खुद मालिक-सह-मालिक बन सकता है, और 5 लाख रुपये तक सामाजिक सुरक्षा कवर देने की बात कही गई है। यूपी में इसके विस्तार की शुरुआत 23 सितंबर को हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लॉन्च कार्यक्रम में भारत टैक्सी को ड्राइवरों के लिए सम्मान, सुरक्षा और रोजगार से जोड़ते हुए इसका विस्तार करने की बात कही।
निष्कर्ष
दावा: ब्रजेश पाठक ने युवाओं से नौकरी के बजाय कैब चलाने को कहा।
FactGiri का निष्कर्ष: दावा भ्रामक है। डिप्टी सीएम ने ब्रजेश पाठक ने नौकरी और विदेशी कंपनियों के चक्कर में न पड़ने” और चार घंटे अपनी टैक्सी चलाने की बात कही थी, लेकिन संदर्भ भारत टैक्सी के स्वरोजगार मॉडल का था। इसलिए उनके बयान को “नौकरी मत करो” की सीधी सलाह बताना भ्रामक है।




