Factgiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की पट्टी कोतवाली में 22 वर्षीय युवक अर्जुन कुमार की मौत के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में परिवार के लोग पुलिस पर युवक के साथ थाने में मारपीट करने और उसे परिजनों से नहीं मिलने देने का आरोप लगा रहे हैं। पोस्ट में दावा किया गया कि युवक की पुलिस कस्टडी में हत्या हुई और बाद में इसे आत्महत्या बताया जा रहा है, हालांकि, Factgiri की पड़ताल में सामने आया कि युवक ने कोतवाली के बाथरूम में फंदा लगाकर आत्महत्या की। मामले में पुलिस ने थाना प्रभारी और एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर मजिस्ट्रियल जांच की सिफारिश भी की है।
क्या है वायरल दावा?
21 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया यूजर @mohdsuhail8211 ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि पट्टी कोतवाली में दलित युवक की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। पोस्ट में परिवार के आरोपों का हवाला देते हुए कहा गया कि थाने में युवक को मारा-पीटा गया और परिवार को उससे मिलने नहीं दिया गया। वीडियो में परिजन पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते दिखाई देते हैं।
पुलिस के मुताबिक क्या हुआ?
प्रतापगढ़ पुलिस के आधिकारिक बयान और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार भाटी की जानकारी के अनुसार, मृतक अर्जुन कुमार, उम्र 22 वर्ष, मोलनापुर का रहने वाला था। उसके खिलाफ एक किशोरी को भगाने/अगवा करने से संबंधित मामला दर्ज था।
पुलिस के मुताबिक 20-21 सितंबर को किशोरी को बरामद किया गया। इसके बाद अर्जुन भी उसके पीछे-पीछे पट्टी कोतवाली पहुंचा। पुलिस का कहना है कि दूसरी FIR दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह नाराज हो गया।
इसी दौरान वह बाथरूम जाने के बहाने अंदर गया और वहां कपड़े/कंबल से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस उसे अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने दो अधिकारियों को क्यों किया निलंबित?
मामले में प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पट्टी थाना प्रभारी निरीक्षक आनन्द पाल सिंह और उपनिरीक्षक ओंकार सिंह को निलंबित कर दिया।
पुलिस के अनुसार दोनों अधिकारियों पर कर्तव्यों में लापरवाही और स्वेच्छाचारिता के आरोप में कार्रवाई की गई है। साथ ही मामले की विभागीय जांच शुरू की गई और जिलाधिकारी से मजिस्ट्रियल जांच की सिफारिश की गई है। यानी पुलिस की ओर से आत्महत्या का दावा किया गया है।

Factgiri Verdict
दावा: भ्रामक
पट्टी कोतवाली में अर्जुन कुमार की मौत वास्तविक घटना है, लेकिन इसे बिना किसी सबूत या साक्ष्य के सीधे पुलिस की मारपीट से हुई मौत या हत्या बताना भ्रामक है।




