Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अयोध्या के राम मंदिर के अंदर एक दलित महिला के साथ दुष्कर्म हुआ। वीडियो के साथ भावनात्मक संदेश लिखकर इसे तेजी से वायरल किया जा रहा है। लेकिन FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो का राम मंदिर या अयोध्या से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित बुद्ध पार्क का है, जहां एक महिला अपने ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर धरने पर बैठी थी।
वायरल पोस्ट में क्या दावा किया गया?
X यूजर @RamnareshY21480 ने 23 सितंबर 2026 को वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि “राम मंदिर के अंदर दलित महिला के साथ दुष्कर्म” हुआ है। पोस्ट में इसे मंदिरों और महिलाओं की सुरक्षा से जोड़कर सवाल भी उठाया गया। दावे के मुताबिक घटना अयोध्या स्थित राम मंदिर की बताई गई, लेकिन वीडियो में न तो राम मंदिर दिखाई देता है और न ही ऐसी किसी घटना का कोई पुष्टी मिली।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
वायरल वीडियो के की-फ्रेम की जांच करने पर इसका पुराना संदर्भ सामने आया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वीडियो हल्द्वानी के बुद्ध पार्क का है। यहां दीक्षा पलारिया नाम की महिला अपने ससुराल पक्ष पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए धरने पर बैठी थी।
मार्च 2026 में सामने आए इस मामले में महिला की मां भी उसके साथ मौजूद थी। वीडियो में दोनों अपनी शिकायत और मदद की अपील करती दिखाई देती हैं। प्रदर्शन के दौरान भीड़ जमा हुई और महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय सोशल मीडिया पोस्ट और इंस्टाग्राम पेज न्यूजएक्सप्रेस1306 पर मिले उपलब्ध रिपोर्टों में भी इस मामले को पारिवारिक विवाद और ससुराल पक्ष से जुड़े आरोपों के रूप में बताया गया था।

इसके अलावा, ट्विटर पर इसी पोस्ट पर हमे only fact का रिप्लाई भी मिला, जिसने इस वीडियो को खुद मिसलीडिंग और False बताया।

राम मंदिर और रेप वाले दावे का सच क्या है?
पड़ताल में वायरल वीडियो को अयोध्या के राम मंदिर से जोड़ने वाला कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला। वीडियो में दिखाई देने वाली जगह खुला सार्वजनिक स्थान यानी बुद्ध पार्क, हल्द्वानी है।
निष्कर्ष
दावा: अयोध्या के राम मंदिर में दलित महिला के साथ दुष्कर्म
FactGiri का निष्कर्ष: दावा पूरी तरह फर्जी है। वायरल वीडियो राम मंदिर का नहीं, बल्कि हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में मार्च 2026 के दौरान ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर धरना दे रही महिला का है।




