Fact Check: सोशल मीडिया पर दो पुलिसकर्मियों के बीच थाने के अंदर मारपीट का CCTV वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। समाजवादी पार्टी के सोशल मीडिया सेल ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि बड्डूपुर थाने में पुलिसकर्मी कथित अवैध वसूली के पैसों के बंटवारे को लेकर आपस में भिड़ गए। पोस्ट के जरिए इस घटना को उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ नीति से जोड़कर सवाल उठाए गए।
लेकिन FACTGIRI की पड़ताल में वीडियो का एक हिस्सा सही और एक अहम दावा भ्रामक मिला। CCTV में पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट की घटना वास्तव में हुई थी, लेकिन इसे नई घटना बताना गलत है। वहीं, मारपीट की वजह अवैध वसूली के पैसों का बंटवारा था, इसकी पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल वीडियो में क्या दावा किया गया?
वायरल पोस्ट में नवभारत टाइम्स की खबर का वीडियो शेयर करते हुए समाजवादी पार्टी मीडिया सेल ने दावा किया गया कि बाराबंकी के बड्डूपुर थाने में दो पुलिसकर्मी अवैध वसूली से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर आपस में भिड़ गए। इस मामले में सपा ने सीएम योगी और यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए तंज कसा।
FACTGIRI की पड़ताल में सामने आई वीडियो की असली तारीख
वायरल वीडियो की पड़ताल के दौरान इससे जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स और घटना की तारीख को खंगाला गया। नवभारत टाइम्स की 15 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में बताया गया कि यह CCTV फुटेज बाराबंकी के बड्डूपुर कोतवाली कार्यालय का है।
रिपोर्ट के मुताबिक, CCTV में दिखाई दे रही मारपीट की घटना 22 अगस्त 2026 की है। यानी सितंबर में वीडियो वायरल होने तक घटना करीब तीन सप्ताह पुरानी थी।
क्या वाकई वसूली के पैसों को लेकर हुई थी मारपीट?
यही वायरल दावे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। सोशल मीडिया पोस्ट में पुलिसकर्मियों के बीच विवाद की वजह अवैध वसूली से मिले पैसों का बंटवारा बताई जा रही है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इस आरोप की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है, सिर्फ सोशल मीडिया पर वीडियो में दो सिपाहियों को लड़ते हुए इसे वसूली के पैसों को लिए लड़ाई कह कर वायरल कर दिया गया।
वीडियो वायरल होने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को नजरअंदाज नहीं किया। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने मामले का संज्ञान लिया। बाराबंकी पुलिस ने वायरल वीडियो पर ट्विट कर जानकारी दी कि, दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया और उनके खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए गए।
अमर उजाला की 13 सितंबर की रिपोर्ट में भी CCTV फुटेज सामने आने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और विभागीय जांच शुरू किए जाने की जानकारी दी गई थी। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि वीडियो सामने आने के बाद विभाग की ओर से कार्रवाई की गई थी।

FACTGIRI का निष्कर्ष
FACTGIRI की पड़ताल में सामने आया कि बाराबंकी के बड्डूपुर थाने में दो पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट का वायरल CCTV वीडियो असली है। घटना वास्तव में हुई थी और दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की गई। वहीं, ‘अवैध वसूली के पैसों के बंटवारे को लेकर दोनों पुलिसकर्मी भिड़े’ वाला दावा भी अभी प्रमाणित नहीं है, क्योंकि इसकी पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
VERDICT: भ्रामक




