Factgiri Fact Check: सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के महोबा से जुड़ा एक पुराना विवाद एक बार फिर वायरल हो रहा है। वायरल पोस्ट में बीजेपी की पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी की तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि बीजेपी जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने उन्हें पद और जिला पंचायत टिकट के बदले अनुचित और आपत्तिजनक मांग की थी। central_mp_news नाम की इंस्टाग्राम पेज पर इस पोस्ट को हालिया घटना की तरह शेयर किया जा रहा है। FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि यह मामला नया नहीं, बल्कि अप्रैल 2026 का है और कुछ ही दिनों बाद महिला अपने बयान से पलट गई थी।

अप्रैल में लगाए गए थे गंभीर आरोप
27 अप्रैल 2026 को दीपाली तिवारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मोहनलाल कुशवाहा पर गंभीर आरोप लगाए थे। जागरण और ABP Live की उस समय की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने आरोप लगाया था कि जिला उपाध्यक्ष पद देने के बदले उन पर अनुचित दबाव बनाया गया और जिला पंचायत टिकट का भी आश्वासन दिया गया। कुशवाहा ने आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें निराधार और छवि खराब करने की कोशिश बताया था। मामला सामने आने के बाद बीजेपी प्रदेश नेतृत्व ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित की।

फिर क्या हुआ?
FactGiri की पड़ताल में जागरण और ABP Live की 29 अप्रैल की रिपोर्टें मिलीं। दोनों के मुताबिक, बातचीत के दौरान दीपाली तिवारी ने अपना रुख बदला और बाद में कहा कि उन्होंने जो कुछ कहा था, वह गुस्से में कहा था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और विवाद खत्म करने की घोषणा की गई।
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती बातचीत के बाद तिवारी ने फिर लाइव आकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अगले दौर की बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि अब आपसी मतभेद खत्म हो गए हैं। मोहनलाल कुशवाहा ने भी उन्हें अपनी छोटी बहन बताते हुए विवाद समाप्त होने की बात कही।

FactGiri निष्कर्ष
वायरल पोस्ट में अप्रैल 2026 के विवाद को सितंबर में चल रही नई घटना की तरह पेश किया जा रहा है। आरोप लगाए जाने की खबर अप्रैल में प्रकाशित हुई थी, लेकिन बाद में महिला नेता ने अपने बयान को गुस्से में दिया गया बताया और दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की रिपोर्ट सामने आई।
FactGiri Verdict: भ्रामक – पुराना अप्रैल 2026 का मामला हालिया संदर्भ में वायरल




