Factgiri Fact Check: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के थाना रहरा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। वीडियो में एक युवक रात के समय अपनी पीठ पर लाल निशान दिखाते हुए पुलिस पर मारपीट और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप लगाता नजर आ रहा है। पोस्ट में दावा किया गया कि थाने में दो दरोगा और दो सिपाहियों ने उसकी बेरहमी से पिटाई की और उसका प्रार्थना पत्र भी फाड़ दिया। हालांकि FactGiri की पड़ताल में वायरल पोस्ट की पूरी कहानी सामने नहीं आती।
क्या है वायरल वीडियो का दावा?
वीडियो Anti Corruption Bureau of India (ACBI), Meerut नाम के सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किया गया। इसमें युवक पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी पीठ पर चोट के निशान दिखाता है। पोस्ट में युवक को दलित बताते हुए दावा किया गया कि रहरा थाने में उसकी शिकायत नहीं सुनी गई और पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की।
FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?
वीडियो के स्क्रीनशॉट और पोस्ट में किए गए दावों की पड़ताल के दौरान अमरोहा पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आया। पुलिस के मुताबिक वीडियो में दिखाई दे रहा युवक शरद है, जो थाना रहरा में दर्ज एक मारपीट के मुकदमे में नामजद अभियुक्त है।
अमरोहा पुलिस के अनुसार शरद को 18 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। इसके बाद मामले में नामजद अन्य आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाने और नोटिस देने के लिए पुलिस टीम गांव जेबड़ा गई थी।

पुलिस का आरोप है कि मामले की विवेचना को प्रभावित करने और पुलिस पर दबाव बनाने के लिए पुलिसकर्मियों पर मारपीट समेत अन्य आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस ने इन आरोपों को असत्य और निराधार बताया है। पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि पूरे मामले की CO हसनपुर द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है।
FactGiri Verdict: वायरल दावा – भ्रामक/अप्रमाणित
वायरल पोस्ट में लगाए गए पुलिस पिटाई के आरोप अभी स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हैं और पुलिस ने उन्हें खारिज किया है। अमरोहा पुलिस के मुताबिक युवक पहले से एक मारपीट के मुकदमे में नामजद था और 18 सितंबर को गिरफ्तार हुआ था।




