क्या यूपी में भेड़ियों के हमलों पर योगी सरकार ने कुछ नहीं किया? सपा के आरोपों की Factgiri पड़ताल

Factgiri Fact Check: समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में भेड़ियों, बाघों और तेंदुओं के हमलों को लेकर योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में वन्यजीवों के हमलों से अनेक लोगों की मौत हुई, लेकिन सरकार ने बचाव के लिए कोई ठोस योजना या अभियान नहीं चलाया। मुआवजे में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, FactGiri की पड़ताल में सामने आया कि प्रदेश सरकार ने वन्यजीव हमलों को राज्य आपदा की श्रेणी में रखने, पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने और प्रभावित जिलों में विशेष अभियान चलाने जैसे कदम उठाए हैं।

क्या है समाजवादी पार्टी का दावा?

सपा ने आरोप लगाया कि वन क्षेत्रों से सटे जिलों में लगातार हो रहे हमलों के बावजूद सरकार ने ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। पार्टी ने मुआवजे की बंदरबांट और राजनीतिक संरक्षण के आरोप भी लगाए।

FactGiri की पड़ताल में क्या सामने आया?

FactGiri ने दैनिक जागरण, इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ इंडिया और आजतक की रिपोर्टों की पड़ताल की। दैनिक जागरण की जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 और 2025 के दौरान तराई क्षेत्र में भेड़ियों के हमलों से 25 लोगों की मौत दर्ज की गई थी। इससे स्पष्ट है कि वन्यजीवों का खतरा वास्तविक है। लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने का दावा सही नहीं है।

ऑपरेशन भेड़िया में ड्रोन और वन विभाग की टीमें

अगस्त 2024 में बहराइच में बढ़ते हमलों के बाद वन विभाग ने ‘ऑपरेशन भेड़िया’ शुरू किया। दैनिक जागरण के अनुसार, प्रभावित गांवों में 16 टीमें तैनात की गईं। भेड़ियों को पकड़ने के लिए पिंजरे, कैमरा ट्रैप और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ।

सितंबर 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने वन विभाग को हमलावर भेड़ियों को पकड़ने और आवश्यक होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मृतकों के परिवारों को कितना मुआवजा मिला?

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2018 में मानव-वन्यजीव संघर्ष से होने वाली मौतों को राज्य आपदा की श्रेणी में रखा था। इसके तहत मृतकों के आश्रितों के लिए पांच लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया। दैनिक जागरण की जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, तराई के पांच जिलों में 57 मृतकों के परिवारों को कुल 2.85 करोड़ रुपये दिए गए।

हालिया लखीमपुर घटना में क्या कार्रवाई हुई?

अक्टूबर 2026 में लखीमपुर खीरी के सिंगाही क्षेत्र में तेंदुए के हमले से छह वर्षीय मनजोत सिंह की मौत हुई। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद वन विभाग ने पिंजरे लगाए और ड्रोन तथा कैमरों से निगरानी शुरू की। प्रशासन ने परिवार को सहायता का आश्वासन भी दिया।

FactGiri का निष्कर्ष

वन्यजीवों के हमलों में मौतें होने की बात सही है, लेकिन सरकार ने कोई बचाव अभियान या मुआवजा व्यवस्था नहीं बनाई, यह दावा उपलब्ध रिकॉर्ड से गलत साबित होता है। ऑपरेशन भेड़िया, वन विभाग की तैनाती और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के प्रमाण मौजूद हैं।

FACTGIRI VERDICT: बचाव और मुआवजे की कोई व्यवस्था नहीं होने का दावा गलत/भ्रामक

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